1997 में महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ के साथ ही संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— में विà¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ के रूप डॉ. माला मजूमदार रहीं। वरà¥à¤· 2000 में डॉ. मधà¥à¤¬à¤¾à¤²à¤¾ दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€ के साथ संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— की सदसà¥à¤¯ संखà¥à¤¯à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ और वरà¥à¤· 2018 में संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— में दो अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ डॉ. आकांकà¥à¤·à¤¾ सिंह तथा डॉ. à¤à¤°à¤¤à¤•à¥à¤®à¤¾à¤° की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ विà¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤—तिपथ पर अगà¥à¤°à¤¸à¤° हà¥à¤†à¥¤
वरà¥à¤· 1998 में संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— में ‘संसà¥à¤•ृत परिषद’ का गठन किया गया जो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वरà¥à¤· निरनà¥à¤¤à¤° होता रहा है। वरà¥à¤· 1999-2000 में संसà¥à¤•ृत परिषद के ततà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¾à¤¨ में à¤à¤• दिवसीय संगोषà¥à¤ ी का आयोजन किया गया जिसका विषय था- ‘वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ परिपà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤·à¥à¤¯ में संसà¥à¤•ृत à¤à¤¾à¤·à¤¾ की उपयोगिता’ à¤à¤µà¤‚ मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि गà¥à¤°à¥‚वरà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹. चणà¥à¤¡à¤¿à¤•ा पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ शà¥à¤•à¥à¤² थे। इस अवसर पर छातà¥à¤°-छातà¥à¤°à¤¾à¤“ं हेतॠपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता à¤à¥€ आयोजित की गई जिसके निरà¥à¤£à¤¾à¤¯à¤• à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ गà¥à¤°à¥‚वरà¥à¤¯ थे। आचारà¥à¤¯ ने विजेताओं को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार वितरण à¤à¥€ किया।
वरà¥à¤· 2002 को संसà¥à¤•ृत परिषद दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¦à¥à¤à¤—वदà¥à¤—ीता का वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ विषय पर संगोषà¥à¤ ी आयोजित की गई। इस संगोषà¥à¤ ी के मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि डॉ. उमराव पाणà¥à¤¡à¥‡à¤¯ (धरà¥à¤®à¥‹à¤ªà¤¦à¥‡à¤¶ संसà¥à¤•ृत महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤) à¤à¤µà¤‚ विशिषà¥à¤Ÿ वकà¥à¤¤à¤¾ डॉ. दयाशंकर मिशà¥à¤° (पà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯-सौदामिनी संसà¥à¤•ृत महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯) रहे। मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि ने परिषद का उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ किया à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार वितरित किà¤à¥¤ वरà¥à¤· 2005 में संसà¥à¤•ृत परिषद के ततà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¾à¤¨ में संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ‘वेदों में विजà¥à¤žà¤¾à¤¨â€™ विषय पर संगोषà¥à¤ ी आयोजित की गई à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता का à¤à¥€ आयोजन किया गया। मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि चिरंजीवि शरà¥à¤®à¤¾ (कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯, शà¥à¤°à¤‚गेरीमठ, वेदà¤à¤µà¤¨, अलोपीबाग, इलाहाबाद) ने वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार वितरण किया।
वरà¥à¤· 2007 में संसà¥à¤•ृत परिषद के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ के अवसर पर मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि डॉ. अà¤à¤¿à¤°à¤¾à¤œà¤°à¤¾à¤œà¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤° मिशà¥à¤° (à¤à¥‚तपूरà¥à¤µ कà¥à¤²à¤ªà¤¤à¤¿, समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£à¤¾à¤¨à¤¨à¥à¤¦ संसà¥à¤•ृत विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯) रहे। आचारà¥à¤¯ ने संसà¥à¤•ृत गीत पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता के विजेताओं को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठà¤à¤µà¤‚ ‘संसà¥à¤•ृत वाङà¥à¤®à¤¯ में विशà¥à¤µ बंधà¥à¤¤à¥à¤µ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾â€™ विषय पर जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤°à¥à¤§à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया।
संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वरà¥à¤· इलाहाबाद विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आयोजित अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤®à¤¹à¤¾à¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िताओं में छातà¥à¤°-छातà¥à¤°à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤— किया जाता रहा है।
वरà¥à¤· 2008-2009 में à¤à¤¸. à¤à¤¸. खनà¥à¤¨à¤¾ गरà¥à¤²à¥à¤¸ डिगà¥à¤°à¥€ कॉलेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ‘विशà¥à¤µ धरोहर है संसà¥à¤•ृत à¤à¤¾à¤·à¤¾â€™ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—, वरà¥à¤· 2016 में इसी महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आयोजित निबंध पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता - ‘आधà¥à¤¨à¤¿à¤• परिवेश में संसà¥à¤•ृत की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿â€™, वरà¥à¤· 2013 में à¤à¤¸. à¤à¤¸. खनà¥à¤¨à¤¾ गरà¥à¤²à¥à¤¸ डिगà¥à¤°à¥€ कॉलेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आयोजित निबंध पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता - ‘नैतिकता का सà¥à¤°à¥‹à¤¤ संसà¥à¤•ृत à¤à¤¾à¤·à¤¾â€™, तà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤£à¤¿à¤•ा संसà¥à¤•ृत परिषद सी.à¤à¤®.पी. महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आयोजित पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िताओं में संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— से छातà¥à¤°-छातà¥à¤°à¤¾à¤“ं ने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤— किया à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किठहैं।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वरà¥à¤· संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ हेतॠविà¤à¤¾à¤— सà¥à¤¤à¤° पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िताओं का आयोजन करता है जिसमें सफल होने वाले विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को वारà¥à¤·à¤¿à¤•ोतà¥à¤¸à¤µ के अवसर पर पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत किया जाता है।
समय-समय पर संसà¥à¤•ृत विà¤à¤¾à¤— के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ हेतॠसेमिनार ककà¥à¤·à¤¾à¤à¤ à¤à¥€ आयोजित की जाती हैं और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त रूप से à¤à¥€ छातà¥à¤°-छातà¥à¤°à¤¾à¤“ं को उचà¥à¤šà¤¸à¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ हेतॠमारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया जाता है।